Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. माँ
माँ

माँ

मुंशी प्रेमचंद

30 min
5,940 words
hi
Start Reading

"माँ" मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक मार्मिक कहानी है जो भारतीय समाज में माँ के त्याग, प्रेम और समर्पण को उजागर करती है। यह कहानी एक गरीब विधवा माँ के संघर्ष और उसके पुत्र के प्रति असीम स्नेह को केंद्र में रखकर लिखी गई है। कहानी में माँ अपने बेटे की शिक्षा और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव कष्ट सहती है, भूखी रहती है और अपनी सभी आवश्यकताओं को त्याग देती है। जब बेटा बड़ा होकर शहर जाता है और शिक्षित होकर नौकरी पा लेता है, तब वह अपनी माँ की उपेक्षा करने लगता है और उसके त्याग को भूल जाता है। यह कथा तब चरम पर पहुँचती है जब माँ अपने बेटे से मिलने शहर जाती है और उसे अपमान और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है।

प्रेमचंद ने इस कहानी के माध्यम से भारतीय समाज में माँ-बेटे के रिश्तों की जटिलता, आधुनिकता के प्रभाव से पैदा हुई संवेदनहीनता, और पारिवारिक मूल्यों के क्षरण को बड़ी कुशलता से प्रस्तुत किया है। कहानी में वर्ग-भेद, शहरी-ग्रामीण विभाजन, और शिक्षित वर्ग में बढ़ते अहंकार जैसे विषयों को भी छुआ गया है। प्रेमचंद की यह रचना साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सामाजिक यथार्थवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है और पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है। यह कहानी आज भी प्रासंगिक है क्योंकि यह हमें याद दिलाती है कि भौतिक उन्नति के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखना कितना आवश्यक है।

कहानी संग्रहहिंदी साहित्यप्रेमचंदयथार्थवादसामाजिक मुद्देमातृत्वपारिवारिक संबंधभारतीय समाज20वीं सदीग्रामीण जीवनसामाजिक यथार्थवादभावनात्मकनारी विमर्शPremchand
PublisherKafka
LanguageHindi
Source
munshi-premchand-all-stories

Books by मुंशी प्रेमचंद

हार की जीतहार की जीत
ईदगाहईदगाह
कलम, तलवार और त्यागकलम, तलवार और त्याग
कर्बलाकर्बला
गबनगबन
गोदानगोदान
अलंकारअलंकार
मंत्रमंत्र
विचार: प्रेमचंदविचार: प्रेमचंद
प्रेमचंद कहानी समग्रप्रेमचंद कहानी समग्र
नमक का दरोग़ानमक का दरोग़ा
पंच परमेश्वरपंच परमेश्वर
पाँच फूलपाँच फूल
प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँप्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
प्रवासीलाल वर्मा के नाम पत्रप्रवासीलाल वर्मा के नाम पत्र
प्रतिज्ञाप्रतिज्ञा
सेवासदनसेवासदन
शतरंज के खिलाड़ीशतरंज के खिलाड़ी
पूस की रातपूस की रात
ठाकुर का कुआँठाकुर का कुआँ
कर्मभूमिकर्मभूमि
गल्प समुच्चयगल्प समुच्चय
रंगभूमिरंगभूमि

Similar books

देवदासदेवदास
देवीदेवी
दो बैलों की कथादो बैलों की कथा
दृष्टि दानदृष्टि दान
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनीदुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी
हिंद स्वराजहिंद स्वराज
हिंदुत्व का दर्शनहिंदुत्व का दर्शन
हसरत की शाइरीहसरत की शाइरी
काबुलीवालाकाबुलीवाला
कंकालकंकाल
कृष्ण और उनकी गीताकृष्ण और उनकी गीता
जीवित और मृतजीवित और मृत
आग और धुआँआग और धुआँ
अँधेरे मेंअँधेरे में
अंगारेअंगारे
अतिथिअतिथि
चुने हुए निबंधचुने हुए निबंध
दो वृद्ध पुरुषदो वृद्ध पुरुष

Similar audiobooks

मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँमुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ
शरीफ़नशरीफ़न
Do SakhiyanDo Sakhiyan