Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. सद्गति
सद्गति

सद्गति

प्रेमचंद

14 min
2,709 words
hi
Start Reading

एक दलित चमार दुखी अपनी बेटी की शादी के लिए शुभ मुहूर्त जानने की साधारण-सी इच्छा लेकर गाँव के पंडित घासीराम के घर जाता है। यह छोटी-सी ज़रूरत उसे एक ऐसी व्यवस्था के सामने खड़ा कर देती है जहाँ उसकी मानवीय गरिमा, उसकी मेहनत, और उसकी आकांक्षाएँ - सब उसकी जाति के कारण अर्थहीन हो जाती हैं। प्रेमचंद इस कहानी में ब्राह्मणवादी सामाजिक ढाँचे की उस निर्ममता को उजागर करते हैं जो मनुष्य को मनुष्य नहीं मानती।

कहानी की भाषा सीधी और तीखी है, बिना किसी भावुकता के। प्रेमचंद यहाँ अपनी सामान्य करुणा से आगे बढ़कर एक क्रूर यथार्थ दिखाते हैं - वह यथार्थ जहाँ धर्म और परंपरा के नाम पर शोषण को वैधता मिलती है। पंडित घासीराम का चरित्र उस सामंती मानसिकता का प्रतीक है जो दूसरे की पीड़ा को अपना अधिकार समझती है। दुखी की बेबसी, उसकी चुप्पी, और उसके प्रतिरोध न कर पाने की विवशता पाठक को भीतर तक हिला देती है। यह कोई सुधारवादी कहानी नहीं है जो आशा की किरण दिखाए - यह एक दस्तावेज़ है उस अमानवीयता का जो सदियों से भारतीय समाज में व्याप्त रही है।

यह कहानी इसलिए प्रासंगिक बनी रहती है क्योंकि यह जातिगत उत्पीड़न को उसकी नग्न हिंसा में प्रस्तुत करती है, बिना किसी रोमानी आवरण के। जो पाठक सामाजिक यथार्थवाद की उस परंपरा को समझना चाहते हैं जो असहज करने से नहीं हिचकती, और जो साहित्य को समाज का दर्पण मानते हैं, उनके लिए यह अनिवार्य पाठ है।

हिंदी साहित्यजातिवाददलित उत्पीड़नसामाजिक यथार्थवादग्रामीण भारतब्राह्मणवाद की आलोचनाशोषणअस्पृश्यतामानवीय त्रासदीप्रेमचंद युगवर्ण व्यवस्थासामाजिक न्यायऔपनिवेशिक काल
LanguageHindi
Source
Rekhta

Books by प्रेमचंद

निर्मलानिर्मला
कफ़नकफ़न
सुजान भगतसुजान भगत
दो बैलों की कथादो बैलों की कथा
सूरदास की झोंपड़ीसूरदास की झोंपड़ी
नादान दोस्तनादान दोस्त
दुनिया का सबसे अनमोल रत्नदुनिया का सबसे अनमोल रत्न
सतीसती

Similar books

बँटवारे की कहानियाँबँटवारे की कहानियाँ
जातिभेद का उच्छेदजातिभेद का उच्छेद
अंगारेअंगारे
हार की जीतहार की जीत
प्रतिज्ञाप्रतिज्ञा
गबनगबन
मंत्रमंत्र
माँमाँ
नमक का दरोग़ानमक का दरोग़ा
बङे भाई साहबबङे भाई साहब
ठाकुर का कुआँठाकुर का कुआँ
शतरंज के खिलाड़ीशतरंज के खिलाड़ी
पूस की रातपूस की रात
पंच परमेश्वरपंच परमेश्वर
ईदगाहईदगाह
गोदानगोदान
सेवासदनसेवासदन
सफलतासफलता
दो वृद्ध पुरुषदो वृद्ध पुरुष
मूर्ख सुमंतमूर्ख सुमंत
बूढ़ी काकीबूढ़ी काकी
देवदासदेवदास