
क्या पाकिस्तान बनना चाहिए
'क्या पाकिस्तान बनना चाहिए' डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुस्तक 'थॉट्स ऑन पाकिस्तान' (1940; संशोधित 1945 — 'पाकिस्तान ऑर द पार्टीशन ऑफ़ इंडिया') का समापन अध्याय है। अंबेडकर पाकिस्तान के पक्ष में मुस्लिम लीग द्वारा रखे गए सात प्रमुख तर्कों — जनसंख्या-केंद्रीकरण, सांप्रदायिक तनातनी, कांग्रेस पर अविश्वास, मुस्लिम राष्ट्रवाद, हिंदू राज का भय — की एक-एक कर परीक्षा करते हैं। कनाडा में फ़्रेंच-अँग्रेज़ तथा दक्षिण अफ़्रीका में बोअर-ब्रिटिश संबंधों के विस्तृत तुलनात्मक उदाहरण देकर वे दिखाते हैं कि सांप्रदायिक विभेद अपने आप में विभाजन का पर्याप्त कारण नहीं है, फिर भी वे अंततः विभाजन को स्वतंत्रता-प्राप्ति का अपरिहार्य मूल्य मानते हैं। यह हिन्दी अनुवाद हिंदी समय (महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा) से लिया गया है; अनुवादक का नाम स्रोत पर अंकित नहीं है।























