Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. गुप्त धन
गुप्त धन

गुप्त धन

रवीन्द्रनाथ ठाकुर

29 min
5,671 words
hi
Start Reading

अमावस्या की आधी रात को, मृत्युंजय आम के बाग़ में स्थित एक एकांत मंदिर में देवी जयकाली की तांत्रिक पूजा समाप्त करता है। मूर्ति के आसन के नीचे छिपे कटहल के काठ के बक्स को जब वह अपने जनेऊ से बँधी चाबी से खोलता है, तो भीतर कुछ नहीं मिलता। बक्स का ताला टूटा नहीं था, फिर भी खजाना गायब है। सुबह होने पर चंडीमंडप में बैठे हताश मृत्युंजय के सामने एक जटाधारी संन्यासी प्रकट होता है, जो बिना बताए ही उसके इस शोक का कारण जानता है।

खोए हुए खजाने की इस घटना के साथ, यह कथा संग्रह उन्नीसवीं सदी के बंगाल की अन्य कहानियों को प्रस्तुत करता है। इनमें स्त्रियों की सामाजिक स्थिति, संपत्ति और विवाह के विवाद, तथा पुरानी मान्यताओं और नए सामाजिक सुधारों के बीच का सीधा टकराव दर्ज़ है।

नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ ठाकुर की ये कहानियाँ बंगाल पुनर्जागरण के दौर की गवाह हैं। मूल बंगाली क्लासिक का हिंदी अनुवाद।

कहानी संग्रहबंगाली साहित्यभारतीय साहित्यउन्नीसवीं सदीबंगाल पुनर्जागरणमानवीय संवेदनास्त्री विमर्शदार्शनिक कहानियाँरोमांटिक साहित्यसामाजिक सुधारनोबेल पुरस्कार विजेताक्लासिक साहित्यहिंदी अनुवादTagoreटैगोर
PublisherKafka
LanguageHindi
Source
tagore-hindi-stories

Books by रवीन्द्रनाथ ठाकुर

दृष्टि दानदृष्टि दान
काबुलीवालाकाबुलीवाला
जीवित और मृतजीवित और मृत
अतिथिअतिथि
पाषाणीपाषाणी
पत्नी का पत्रपत्नी का पत्र
पोस्टमास्टरपोस्टमास्टर
अपरिचिताअपरिचिता
सीमान्तसीमान्त
स्वदेशस्वदेश
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कहानियाँरवीन्द्रनाथ ठाकुर की कहानियाँ
भिखारिनभिखारिन
विदाविदा

Similar books

देवदासदेवदास
देवीदेवी
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनीदुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी
GoraGora
हार की जीतहार की जीत
हिंद स्वराजहिंद स्वराज
हिंदुत्व का दर्शनहिंदुत्व का दर्शन
ईदगाहईदगाह
कलम, तलवार और त्यागकलम, तलवार और त्याग
कंकालकंकाल
आग और धुआँआग और धुआँ
अँधेरे मेंअँधेरे में
अंगारेअंगारे
चुने हुए निबंधचुने हुए निबंध
ग़ज़लियात-ए-ज़फ़रग़ज़लियात-ए-ज़फ़र
दो वृद्ध पुरुषदो वृद्ध पुरुष
गबनगबन

Similar audiobooks

ज़िक्र-ए-मीरज़िक्र-ए-मीर
Do SakhiyanDo Sakhiyan
Sadhana, the Realisation of LifeSadhana, the Realisation of Life