
1947 के बँटवारे ने करोड़ों ज़िन्दगियाँ तबाह कीं। मंटो ने इस त्रासदी को जितनी बेरहमी और सच्चाई से लिखा, कोई और नहीं लिख सका। इस संग्रह में 20 कहानियाँ हैं जो दंगों, क़त्लेआम, विस्थापन और इंसानियत के आख़िरी टुकड़ों को बयान करती हैं। टोबा टेक सिंह, ठंडा गोश्त, खोल दो जैसी कालजयी रचनाएँ इसी संग्रह का हिस्सा हैं।