
मोज़ेल बम्बई की एक यहूदी लड़की की कहानी है जो फ़िल्मों में काम करना चाहती है। त्रिलोचन — एक सिख नौजवान — उससे मुहब्बत करता है लेकिन दोनों के बीच धर्म और संस्कृति की दीवार है। मंटो ने इस लम्बी कहानी में बम्बई के कॉस्मोपॉलिटन माहौल, धार्मिक पहचान और इंसानी रिश्तों को गहराई से चित्रित किया है।