
ग़ज़लें
1h 57m
23,385 words
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फ़रहत एहसास (1953–2025) उर्दू ग़ज़ल की समकालीन परंपरा के अहम शायरों में थे। उनकी ग़ज़लें परंपरागत रदीफ़-क़ाफ़िये की कारीगरी को आधुनिक संवेदनाओं से मिलाती हैं। यह संग्रह उनकी 191 ग़ज़लों का संकलन है, जिसमें 1,351 अशआर शामिल हैं।
LanguageHindi
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