Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. वली उज़्लत
वली उज़्लत

वली उज़्लत

वली उज़्लत

31 min
6,184 words
hiur
Start Reading

वली उज़्लत दक्कन के अहम शायर हैं जिनकी शायरी में सूफ़ियाना रंग, इश्क़-ए-हक़ीक़ी और इश्क़-ए-मजाज़ी का ख़ूबसूरत संगम मिलता है। उनकी ग़ज़लों में ज़बान की सादगी और जज़्बात की गहराई है।

उर्दू शायरीदक्कनी साहित्यप्रेम काव्यरहस्यवादसूफी परंपरा18वीं सदीदक्कन सल्तनतगज़लरोमांटिक भावनाआध्यात्मिक प्रेमफ़ारसी प्रभावशास्त्रीय उर्दूदरबारी काव्य
PublisherKafka
LanguageHindi, Urdu
Source
Rekhta

Similar books

शब्दशब्द
दीवान-ए-मीरदीवान-ए-मीर
ग़ज़लेंग़ज़लें
वली दकनीवली दकनी
आरज़ू लखनवी की शायरीआरज़ू लखनवी की शायरी
ग़ज़लियात-ए-इक़बालग़ज़लियात-ए-इक़बाल
ग़ज़लियात-ए-ज़ौक़ग़ज़लियात-ए-ज़ौक़
हसरत की शाइरीहसरत की शाइरी
मुसहफ़ी की ग़ज़लेंमुसहफ़ी की ग़ज़लें
ग़ज़लियात-ए-ज़फ़रग़ज़लियात-ए-ज़फ़र
ग़ज़लियात-ए-यगानाग़ज़लियात-ए-यगाना
सौदा की ग़ज़लेंसौदा की ग़ज़लें
मोमिन की ग़ज़लेंमोमिन की ग़ज़लें
आबरूआबरू
रहीम के दोहेरहीम के दोहे
नसीमनसीम
इंशाइंशा
मजाज़ की ग़ज़लेंमजाज़ की ग़ज़लें
यक़ीनयक़ीन
नासिख़नासिख़
कलाम-ए-बेदमकलाम-ए-बेदम
कलाम-ए-सिराजकलाम-ए-सिराज
नज़ीर अकबराबादी की ग़ज़लेंनज़ीर अकबराबादी की ग़ज़लें