इंशा

इंशा

इंशा अल्लाह ख़ान इंशा

1h 5m
12,807 words
hi

इंशा अल्लाह ख़ान इंशा (1756–1817) लखनऊ के सबसे रंगीन-मिज़ाज और ज़िंदादिल शायरों में से एक थे। उनकी ग़ज़लों में शोख़ी, ज़िंदादिली, इश्क़ और ज़बान की चुस्ती का बेमिसाल मेल मिलता है। इस दीवान में उनकी तमाम ग़ज़लें शामिल हैं जो रेख़्ता पर हिन्दी में उपलब्ध हैं।

LanguageHindi
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