Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. धुआँ
धुआँ

धुआँ

सआदत हसन मंटो

16 min
3,044 words
hi
Start Reading

धुआँ बम्बई के माहौल में बसी एक कहानी है जहाँ शहर की भागदौड़ और इंसानी रिश्तों का धुआँ एक-दूसरे में घुल-मिल जाता है। मंटो ने बम्बई की ज़िन्दगी को अपनी ख़ास शैली में पकड़ा है — न बहुत सुन्दर, न बहुत बदसूरत, बस जैसी है वैसी।

हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यबम्बईशहरी जीवनइश्क़फ़िल्म उद्योगमानवीय रिश्तेसामाजिक यथार्थ
LanguageHindi
Source
Rekhta

Books by सआदत हसन मंटो

तमाशातमाशा
मंटो के रेखाचित्रमंटो के रेखाचित्र
शरीफ़नशरीफ़न
बाबू गोपीनाथबाबू गोपीनाथ
बँटवारे की कहानियाँबँटवारे की कहानियाँ
मज़ामीनमज़ामीन
किरदारकिरदार
बॉम्बे की कहानियाँबॉम्बे की कहानियाँ
टेटवाल का कुत्ताटेटवाल का कुत्ता
औरतों की कहानियाँऔरतों की कहानियाँ
सम्पूर्ण कहानियाँसम्पूर्ण कहानियाँ
ब्लाउज़ब्लाउज़
ठंडा गोश्तठंडा गोश्त
बूबू
हतकहतक
मोज़ेलमोज़ेल
काली शलवारकाली शलवार
टोबा टेक सिंहटोबा टेक सिंह
खोल दोखोल दो
तन्हाई की कहानियाँतन्हाई की कहानियाँ
नया क़ानूननया क़ानून
सौ कैंडल पॉवर का बल्बसौ कैंडल पॉवर का बल्ब
सियाह हाशिएसियाह हाशिए

Similar books

ग़ज़लियात-ए-इक़बालग़ज़लियात-ए-इक़बाल
पूस की रातपूस की रात
हसरत की शाइरीहसरत की शाइरी
मैं एक मियाँ हूँमैं एक मियाँ हूँ
सौदा की ग़ज़लेंसौदा की ग़ज़लें
ग़ज़लियात-ए-यगानाग़ज़लियात-ए-यगाना
सफलतासफलता
मरहूम की याद मेंमरहूम की याद में
ईदगाहईदगाह