
मंटो किरदार गढ़ने में उस्ताद थे। इस संग्रह में 19 कहानियाँ हैं जो अलग-अलग शख़्सियतों को बयान करती हैं — बाबू गोपीनाथ जैसे दोग़ले किरदारों से लेकर सड़क के मामूली लोगों तक। हर कहानी एक ऐसे इंसान का चित्र है जो न पूरा अच्छा है, न पूरा बुरा — बस इंसान है।