
ब्लाउज़
hiur
ब्लाउज़ एक किशोर लड़की की कहानी है जो जवानी की दहलीज़ पर खड़ी है। उसके शरीर में आ रहे बदलाव और उसकी नई चेतना को मंटो ने बिना किसी अश्लीलता के, बड़ी संवेदनशीलता से चित्रित किया है। यह कहानी मंटो की उस ख़ूबी का नमूना है जहाँ वो 'वर्जित' विषयों को इंसानी सच्चाई की तरह बयान करते हैं।
हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यकिशोरावस्थाजवानीशारीरिक जागरूकतासामाजिक वर्जनाएँस्त्री जीवनमानवीय स्वभाव
Publisheradbi-duniya
LanguageHindi, Urdu



























